पंजाब BJP के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने बुधवार को सीमावर्ती जिलों, खासकर गुरदासपुर और फाजिल्का में धान की खरीद के दौरान प्रति क्विंटल 6 से 8 kg तक की कथित कटौती का मुद्दा उठाया और पंजाब की AAP सरकार से किसानों का शोषण तुरंत रोकने को कहा। जाखड़ ने कहा कि इस तरह का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही पैसे की तंगी से जूझ रहे हैं और राज्य सरकार पर इन कटौतियों से उनकी परेशानियां बढ़ाने का आरोप लगाया।
उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र ने धान खरीदने के लिए ज़रूरी पूरी रकम पहले ही जारी कर दी है, तो राज्य सरकार धान खरीदने में नाकाम क्यों है। उन्होंने कहा कि कथित भ्रष्टाचार के लिए मुख्यमंत्री को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में जाखड़ ने मान से पूछा कि उनकी “सो-कॉल्ड ईमानदार सरकार” कहां है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने धान की खरीद के लिए पूरी रकम एडवांस में जारी कर दी थी, और राज्य अपनी तरफ से फसल खरीद रहा था। उन्होंने पूछा कि फिर किस आधार पर राज्य गुरदासपुर और फाजिल्का जैसे बॉर्डर वाले जिलों, खासकर अबोहर में 6 से 8 kg प्रति क्विंटल की कटौती कर रहा है।
जाखड़ ने यह भी आरोप लगाया कि मंडियों से धान उठाने के नाम पर कमीशन एजेंटों से प्रति बोरी अलग से फीस ली जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा, “क्या लगभग पांच साल की लूटपाट के बाद भी आप संतुष्ट नहीं हैं?” उन्होंने सरकार से किसानों और कमीशन एजेंटों का शोषण बंद करने की अपील की।


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