September 21, 2026
National

तमिलनाडु : ग्राहकों की पसंद बढ़ाने के लिए टैसमैक ने मांग के आधार पर शराब की आपूर्ति शुरू की

तमिलनाडु में शराब पीने वालों को अब टैसमैक आउटलेट्स पर अपनी पसंद के ब्रांड मिलने की बेहतर संभावना होगी क्योंकि राज्य सरकार द्वारा संचालित यह रिटेलर सोमवार से मांग-आधारित स्टॉक सप्लाई सिस्टम शुरू कर रहा है। इस बदलाव से उस ‘समान वितरण’ सिस्टम को खत्म किया जा रहा है, जिसे टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद लागू किया गया था।

नई व्यवस्था के तहत, हर आउटलेट को शराब का स्टॉक बिक्री के पैटर्न और संबंधित दुकान की मांग के आधार पर भेजा जाएगा। तमिलनाडु में लगभग 4,000 शराब की दुकानें हैं जिन्हें ‘तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन’ (टैसमैक) चलाता है। पिछली सरकार के समय, टैसमैक 11 कंपनियों से ब्रांडी, व्हिस्की और अन्य स्पिरिट खरीदता था जबकि बीयर सात निर्माताओं से खरीदी जाती थी।

सत्ता में आने के बाद, टीवीके सरकार ने घोषणा की थी कि सभी निर्माताओं से बराबर मात्रा में शराब खरीदी जाएगी और हर मंजूरशुदा कंपनी के उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। यह नीति 20 जुलाई को लागू हुई थी, जिसके तहत पूरे राज्य में टैसमैक आउटलेट्स के बीच स्टॉक समान रूप से बांटा गया था।

हालांकि, खबरों के अनुसार, इस सिस्टम से कई दुकानों पर दिक्कतें आईं क्योंकि स्थानीय मांग अलग-अलग थी। ग्राहकों ने शिकायत की कि उनके पसंदीदा ब्रांड अक्सर उपलब्ध नहीं होते थे जबकि कम मांग वाली बोतलें दुकानों की शेल्फ और गोदामों में बिना बिके पड़ी रहती थीं। सप्लाई और ग्राहकों की पसंद के बीच इस अंतर को देखते हुए टैसमैक प्रशासन ने अपनी खरीद और वितरण प्रक्रिया की समीक्षा की। नई व्यवस्था के तहत, जिला प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे आउटलेट्स की जरूरतों का आकलन करने के बाद ही स्टॉक के लिए मांग भेजें।

सभी शराब कंपनियों से बराबर मात्रा में शराब खरीदने और उसे हर टैसमैक दुकान पर समान रूप से बांटने की पुरानी प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी। टैसमैक के प्रबंध निदेशक ने वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधकों, जिला प्रबंधकों और गोदाम प्रबंधकों को इस संशोधित आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है। सप्लाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को बोतलें भेजने से पहले उत्पादों की बिक्री के प्रदर्शन, ग्राहकों की पसंद और हर आउटलेट पर दर्ज मांग की मात्रा पर विचार करना होगा। उम्मीद है कि इस कदम से दुकानों और गोदामों में कम बिकने वाली और बिना बिकी शराब का स्टॉक जमा होने की समस्या कम होगी।

इसका मकसद यह भी सुनिश्चित करना है कि लोकप्रिय किस्मों और ब्रांडों का स्टॉक स्थानीय मांग के अनुसार दोबारा भरा जाए। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बदलाव से स्टॉक प्रबंधन बेहतर होगा, अनावश्यक इन्वेंट्री कम होगी और खुदरा वितरण नेटवर्क ग्राहकों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनेगा।

संशोधित व्यवस्था की निगरानी बिक्री और इन्वेंट्री रिकॉर्ड के जरिए की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पूरे तमिलनाडु में टैसमैक दुकानों पर सप्लाई मांग के अनुरूप हो।

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