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तकनीक बदल गई लेकिन कहानी सुनाने का तरीका आज भी वही : आमिर खान

Technology has changed but the way of storytelling remains the same: Aamir Khan

4 मई । सिनेमा की दुनिया समय के साथ लगातार बदलती रही है। पहले जहां फिल्मों को सिर्फ मनोरंजन का जरिया माना जाता था, वहीं अब इसे भावनाओं, सोच और समाज को जोड़ने वाली एक मजबूत कला के रूप में देखा जाता है। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और फिल्म निर्माता आमिर खान का मानना है कि फिल्मों की असली ताकत उनकी कहानी में होती है। हाल ही में उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘एक दिन’ के प्रमोशन के दौरान फिल्ममेकिंग और स्टोरीटेलिंग की कला को लेकर खुलकर बात की।

आमिर खान ने अभिनेता और कमीडियन जाकिर खान के साथ बातचीत के दौरान कहा, ”फिल्म बनाना असल में कहानी सुनाने जैसा ही है। इंसान हजारों सालों से एक-दूसरे को कहानियां सुनाता आ रहा है। पहले जब किताबें नहीं होती थीं, तब लोग बैठकर किस्से और कहानियां सुनाया करते थे। आज भी वही काम हो रहा है, लेकिन अब कहानी कहने के बजाय दिखाने का तरीका आ गया है।”

आमिर खान ने कहा, ”पहले लोग सिर्फ शब्दों के जरिए कहानी सुनाते थे, लेकिन अब फिल्मों में कैमरा, आवाज, संगीत और कलाकारों का इस्तेमाल किया जाता है। आज फिल्म निर्माता किसी सीन को कैमरे से दिखा सकते हैं, उसमें संगीत जोड़ सकते हैं और अलग-अलग कलाकारों के जरिए किरदारों को जीवंत बना सकते हैं। लेकिन इन सबके बावजूद सबसे जरूरी चीज कहानी ही होती है।”

उन्होंने आगे कहा, ”अगर कहानी दिलचस्प नहीं होगी, तो लोग फिल्म देखना पसंद नहीं करेंगे। चाहे फिल्म कितनी भी बड़े स्तर पर बनाई जाए और उसमें कितनी भी अच्छी तकनीक इस्तेमाल की जाए, अगर कहानी दर्शकों को बांधकर नहीं रख पाएगी तो लोग जल्दी बोर हो जाएंगे। दर्शक आज भी वही चाहते हैं जो पहले चाहते थे, यानी एक ऐसी कहानी जो उनके दिल को छू सके।”

‘एक दिन’ फिल्म की बात करें तो, इसमें जुनैद खान और साई पल्लवी मुख्य भूमिका में हैं। जुनैद खान, जो आमिर खान के बेटे हैं, फिल्म में एक शर्मीले और शांत स्वभाव वाले लड़के दिनेश उर्फ डीनो का किरदार निभा रहे हैं। वह अपने ऑफिस में काम करने वाली खुशमिजाज लड़की मीरा को पसंद करने लगते हैं, जिसका किरदार साई पल्लवी निभा रही हैं। हालांकि वह उससे अपने दिल की बात कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।

फिल्म की कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है जब जापान में मीरा सड़क हादसे में घायल हो जाती है। इस हादसे के बाद उसकी याददाश्त प्रभावित हो जाती है। उसे बाकी बातें याद नहीं रहतीं, लेकिन उसे सिर्फ वही लड़का याद रहता है जिसने उसकी जान बचाई थी और वो लड़का दिनेश होता है। इसी मोड़ के बाद कहानी भावनात्मक दिशा में आगे बढ़ती है।

फिल्म ‘एक दिन’ आमिर खान प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनाई गई है। इसका निर्देशन सुनील पांडे ने किया है।

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