हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के लोगों से जनगणना संचालन निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराई गई स्व-गणना सुविधा का लाभ उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि नागरिक 1 जून से 15 जून तक स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन अपनी जानकारी जमा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना लोकतंत्र और विकास की रीढ़ है। यह जनसंख्या, पारिवारिक स्थिति, आवास, संसाधन और नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। इस प्रकार के आंकड़े योजना और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सुखु ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में जनगणना दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण में 16 जून से 15 जुलाई तक घरों की सूची और आवास जनगणना की जाएगी। दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें गणना करने वाले और पर्यवेक्षक घरों और परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र करने के लिए मोबाइल उपकरणों का उपयोग करेंगे।
सुखु ने आगे बताया कि बर्फ से ढके क्षेत्रों में जनगणना का दूसरा चरण 11 सितंबर से 30 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा, जबकि शेष क्षेत्रों में यह 9 फरवरी से 28 फरवरी तक किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जनता से इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में उत्साहपूर्वक भाग लेने और जनगणना अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जनगणना अधिकारियों को पूर्ण और सटीक जानकारी प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना के माध्यम से एकत्रित आंकड़े सरकार को भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


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