N1Live Himachal भाजपा ने सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे से सतर्कता ब्यूरो को बाहर रखने के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना की।
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भाजपा ने सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे से सतर्कता ब्यूरो को बाहर रखने के लिए कांग्रेस सरकार की आलोचना की।

The BJP criticised the Congress government for keeping the Vigilance Bureau out of the ambit of the Right to Information Act.

शुक्रवार को भाजपा ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के दायरे से राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो को बाहर रखने के लिए हिमाचल सरकार की आलोचना की। भाजपा के वरिष्ठ राज्य प्रवक्ता संजय शर्मा ने इस कदम को “लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय” करार दिया और आरोप लगाया कि इससे शासन प्रणाली में भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलेगा।

धर्मशाला से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में शर्मा ने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 24(4) के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो को सुरक्षा एवं खुफिया संगठन की श्रेणी में रखने के निर्णय से सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं को जनता की जांच से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

शर्मा ने कहा कि सतर्कता ब्यूरो एक जांच एजेंसी है जिसका उद्देश्य जनहित की सेवा करना है, न कि कोई गुप्त खुफिया संगठन। उन्होंने आगे कहा कि इसे सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर करके सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों की जांच, आरोपपत्र दाखिल करने में देरी और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने से नागरिकों को प्रभावी रूप से रोक दिया है।

उन्होंने पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने “व्यवस्था परिवर्तन” का वादा करके सत्ता हासिल की थी, लेकिन अब वह अपनी प्रमुख भ्रष्टाचार-विरोधी एजेंसी को जनता के प्रति जवाबदेही से बचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया, “यह अधिसूचना स्पष्ट रूप से इंगित करती है कि सरकार जनता से कुछ छिपा रही है।”

उन्होंने कहा कि अधिसूचना को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए और यदि निर्णय रद्द नहीं किया गया तो भाजपा राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में इसे चुनौती देगी। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी नागरिकों के सूचना अधिकार (आरटीआई) की रक्षा करना जारी रखेगी और पारदर्शिता को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।

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