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रक्त-व्यापार की कहानी ‘लाल रंग’ को हुए 10 साल पूरे

The blood-trafficking tale 'Laal Rang' completes 10 years

23 अप्रैल । रणदीप हुड्डा का नाम उन चुनिंदा कलाकारों में आता है जिन्होंने अपने दमदार अभिनय और अलग तरह की भूमिकाओं से हिंदी सिनेमा में एक खास पहचान बनाई है। ऐसा ही उन्होंने फिल्म ‘लाल रंग’ में एक ऐसा किरदार निभाया था, जिसके लिए उन्हें काफी सराहना मिली थी।

यह फिल्म हरियाणा पृष्ठभूमि में रक्त-व्यापार और उससे जुड़ी नैतिक जटिलताओं को बेहद अलग अंदाज में पेश करती है। फिल्म में रणदीप का किरदार न केवल कहानी को आगे बढ़ाता है, बल्कि दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर करता है कि परिस्थितियों के चलते इंसान कैसे बदल जाता है।

मंगलवार को फिल्म ने अपनी रिलीज के 10 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर रणदीप ने अपने प्रशंसकों के साथ इस फिल्म से जुड़ी यादें साझाकीं।। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने किरदार की तस्वीरें पोस्ट कीं। इसके साथ उन्होंने लिखा, “दस साल होगे पर यो लाल रंग ना छोड़ता मन्नै..थारा फैब्रेट कुंसा सै? फिल्म ‘लाल रंग’ के 10 साल पूरे हो गए हैं।”

उनके इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है और फैंस उनके इस बेबाक अंदाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं। अभिनेता अक्षय ऑबेरोय और राकेश चतुर्वेदी ने हार्ट इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी।

बता दें कि साल 2016 में रिलीज हुई कल्ट-क्लासिक डार्क कॉमेडी-ड्रामा फिल्म ‘लाल रंग’ में रणदीप ने शंकर नामक एक देसी, लेकिन चालाक युवक का अभिनय किया था, जिसे रस्टी हरियाणवी अंदाज के लिए सराहा गया। फिल्म में दोस्ती, विश्वासघात और गैरकानूनी ब्लड बैंक के उतार-चढ़ाव को दिखाया गया है।

यह फिल्म हरियाणा के करनाल की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां रक्त की तस्करी का धंधा चलता है। यह फिल्म समाज के एक गंभीर मुद्दे को सामने लाती है। सैयद अहमद अफजल द्वारा निर्देशित फिल्म में रणदीप हुड्डा (शंकर), अक्षय ओबेरॉय (राजेश), और पिया बाजपेयी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।

इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भले ही औसत प्रदर्शन किया हो, लेकिन ओटीटी और सैटेलाइट टीवी पर इसे दर्शकों से जबरदस्त प्यार मिला था। वहीं, फिल्म का ‘जसका खून उसका एरिया’ काफी प्रसिद्ध हुआ था।

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