हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम को द्विभाषी बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। कुलपति सत प्रकाश बंसल ने सभी विभागों और केंद्रों को अपने पाठ्यक्रमों का सिलेबस हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार करने का निर्देश दिया है। ये निर्देश सोमवार को कुलपति सचिवालय में आयोजित विश्वविद्यालय की राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में जारी किए गए। इस बैठक में केंद्र सरकार की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन और परिसर में हिंदी की प्रगति की समीक्षा की गई।
प्रोफेसर बंसल ने सभी विभागों और केंद्रों को निर्देश दिया कि वे विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा हिंदी में लिखी जा रही 50 से अधिक पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन और तैयारी में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि इस पहल से हिंदी में शिक्षण और अधिगम सुगम होगा और उच्च शिक्षा में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे कहा, “विश्वविद्यालय ने निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है, लेकिन हमें इससे आगे बढ़कर उच्च शिक्षा में हर स्तर पर हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के उपयोग का विस्तार करना होगा।”
कुलपति ने नए भर्ती किए गए स्टेनोग्राफरों को बाहरी विशेषज्ञ के माध्यम से हिंदी शॉर्टहैंड का आंतरिक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश भी जारी किए। नए भर्ती किए गए टाइपिस्टों को भी हिंदी वर्ड प्रोसेसिंग और टाइपिंग का समयबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि आधिकारिक कार्यों में हिंदी का अधिक उपयोग हो सके।

