July 24, 2026
National

सरकार ने सीजेपी की दो मांगों पर जताई सहमति, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर मांगा समय

The government has agreed to two of the CJP’s demands but sought time regarding the resignation of Dharmendra Pradhan.

कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ बैठक हुई।

बैठक के बाद आशुतोष रांका और सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मंत्रियों के साथ करीब 10 मिनट तक बैठक हुई। हमने सरकार के सामने तीन मांगें रखीं। पीड़ितों के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और छात्रों पर दर्ज किए गए केस को वापस लिया जाए।

आशुतोष रांका ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या कैबिनेट से बर्खास्तगी के बिना कुछ भी हमें मंजूर नहीं होगा। सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। हमने सरकार को बता दिया है कि पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं। अगर जल्द ही धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या बर्खास्तगी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा। इसके साथ ही काकरोच जनता पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का आह्वान करेगी। हमें उम्मीद है कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान को जल्द से जल्द हटाएगी।

आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने नीट पेपर लीक के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा देने, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज एफआईआर और कानूनी मामलों को वापस लेने की दो मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी दी है। सरकार के प्रतिनिधियों से शनिवार को भी हमारी बैठक होगी।”

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्रियों ने लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह, लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं, डॉक्टरों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ दिया।

वहीं, शुक्रवार को जारी सोनम वांगचुक ने वीडियो संदेश में कहा, ” केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ा है। इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया और संसद में नीट पेपर और परीक्षाओं की प्रणाली पर चर्चा करने का आश्वासन दिया।”

सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनशन शुरू किया था। इसी बीच तबीयत खराब होने के बाद सोनम को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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