हरियाणा मंत्रिमंडल ने मंगलवार को अग्निशमन सेवा विभाग में फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर, पर्यावरण, वन और वन्यजीव विभाग में वन्यजीव रक्षक, भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) में कांस्टेबल और गृह विभाग के तहत राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) में सीधी भर्ती में हरियाणा के निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी।
चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई।
केंद्र ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि प्रशिक्षित अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद सार्थक कैरियर के अवसर प्राप्त हों।
यह पहल सरकारी रोजगार का एक स्पष्ट मार्ग बनाकर अग्निपथ योजना के दीर्घकालिक उद्देश्यों का समर्थन करती है।
तदनुसार, हरियाणा सरकार ने हरियाणा के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों को भी क्षैतिज आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया है। वन रक्षक, जेल वार्डर और खनन रक्षक के पदों पर आरक्षण को पहले के 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।
इन निर्णयों से न केवल पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास और लाभकारी रोजगार में सुविधा होगी, बल्कि राज्य की सुरक्षा, आपदा राहत, अग्निशमन और वन्यजीव संरक्षण सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। ये निर्णय अग्निपथ योजना के सफल कार्यान्वयन में भी सहयोग करेंगे और पूर्व अग्निवीरों को सैन्य सेवा पूर्ण करने के बाद सुगम कैरियर परिवर्तन की सुविधा प्रदान करेंगे।


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