October 13, 2026
Punjab

हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से हिट-एंड-रन मामलों के आंकड़े मांगे हैं।

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को हिट एंड रन पीड़ितों को मुआवजा देने वाली मोटर दुर्घटना योजना – 2022 के कार्यान्वयन के बाद 30 सितंबर तक दर्ज किए गए हिट एंड रन मामलों की संख्या के आंकड़े रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति हर्ष बंगर ने जोर देकर कहा कि आंकड़ों में “निर्णित मामलों की संख्या, लंबित मामलों की संख्या और निर्णित मामलों में मुआवजे के वितरण की स्थिति” को दर्शाना आवश्यक था।

सोनीपत मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा 31 मई, 2019 को पारित आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर ये निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश में हिट-एंड-रन मामले में पति की मृत्यु के बाद अपीलकर्ता द्वारा दायर दावा याचिका को खारिज कर दिया गया था। पीड़ित को कथित तौर पर जीटी रोड पर एक मॉल के पास एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया और उसका पता नहीं चल सका।

सुनवाई के दौरान, उच्च न्यायालय का ध्यान “एस. राजसीकरण बनाम भारत संघ” मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की ओर आकर्षित किया गया, जिसमें हिट-एंड-रन मामलों में मुआवजे के लिए 2022 योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए निर्देश जारी किए गए थे।

इसमें जिला स्तर पर निगरानी समितियों के गठन का निर्देश दिया गया था, जिनमें जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव, दावा जांच अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक से कम रैंक का एक पुलिस अधिकारी शामिल थे। इन समितियों को योजना के कार्यान्वयन और न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की निगरानी के लिए कम से कम दो महीने में एक बार बैठक करनी थी। दावा जांच अधिकारी को विधिवत भरे गए दावा आवेदन प्राप्त होने के एक महीने के भीतर सिफारिशों और सहायक दस्तावेजों सहित एक रिपोर्ट दावा निपटान आयुक्त को भेजने का निर्देश दिया गया था।

न्यायालय ने आगे निर्देश दिया कि इन समितियों का गठन सभी जिलों में किया जाए और डीएलएसए सचिवों द्वारा राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विधि सेवा प्राधिकरणों को त्रैमासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का प्रावधान किया। इन प्राधिकरणों के सदस्य सचिवों को जिला रिपोर्टों को संकलित करके व्यापक रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय रजिस्ट्री को भेजनी थी।

इस मामले को उठाते हुए, न्यायमूर्ति बंगर ने पिछली सुनवाई की तारीख पर पंजाब, हरियाणा राज्यों और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश की ओर से पेश होने वाले वकीलों को निर्देश प्राप्त करने और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार उठाए गए कदमों, विशेष रूप से हिट एंड रन मोटर दुर्घटना मामलों में निहित निर्देशों को दर्शाने वाले हलफनामे/अनुपालन रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखने के लिए कहा था।

मामले की सुनवाई दोबारा शुरू होने पर न्यायमूर्ति बंगर ने कहा: “पंजाब राज्य, हरियाणा राज्य और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश की ओर से पेश होने वाले वकीलों को निर्देश दिया जाता है कि वे 2022 योजना के लागू होने के बाद से 30 सितंबर तक दर्ज किए गए ‘हिट एंड रन’ मामलों की संख्या से संबंधित आवश्यक आंकड़े रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करें…” मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।

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