हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में 2024 की तुलना में उल्लेखनीय कमी आई है। परिवहन विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में 10 प्रतिशत, मौतों में 9 प्रतिशत और गंभीर चोटों में 6 प्रतिशत की कमी आई है। हिमाचल प्रदेश राज्य परिवहन विकास और सड़क सुरक्षा परिषद की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, “राज्य सरकार परिवहन क्षेत्र में सड़क सुरक्षा, डिजिटल सुधार और हरित गतिशीलता पर काम कर रही है।”
सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में उल्लेखनीय कमी के बावजूद, राज्य की सड़कें अभी भी दुर्घटना-प्रवण बनी हुई हैं, जिसका प्रमाण सिरमौर जिले के हरिपुरधार में हुई हालिया दुर्घटना है। इस दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई, जब बिना बैरियर वाले संकरे रास्ते पर बस फिसल गई। दरअसल, राज्य की कुल सड़क लंबाई के केवल चार प्रतिशत हिस्से पर ही बैरियर लगे हैं, और लगभग 250 चिन्हित ‘ब्लैक स्पॉट’ अभी भी सुधारे जाने बाकी हैं। अग्निहोत्री ने कहा, “हम दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों को कवर करने के लिए केंद्र से सहायता मांग रहे हैं।”
मंत्री ने कहा कि विभाग मैनुअल प्रवर्तन से डिजिटल प्रवर्तन की ओर बढ़ रहा है, जिसके तहत ई-चालान प्रणाली, ई-पहचान प्रणाली (ई-डिटेक्शन सिस्टम) और एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) लागू की गई हैं, जिससे यातायात प्रवर्तन को व्यक्तिगत हस्तक्षेप के बिना और डिजिटल रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा, अग्निहोत्री ने कहा कि विभाग ऑटो-अप्रूवल की ओर भी बढ़ रहा है, जिसके तहत अधिक पारदर्शिता के लिए परमिट और लाइसेंस ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि इस कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में परिवहन विभाग ने 2,597.59 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछली सरकार के कार्यकाल की इसी अवधि में अर्जित राजस्व से 1,098 करोड़ रुपये (लगभग 73 प्रतिशत) अधिक है। उन्होंने कहा, “यह वृद्धि सुदृढ़ प्रवर्तन प्रणाली और डिजिटल पहलों का प्रत्यक्ष परिणाम है।”
अग्निहोत्री ने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश को नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स में अग्रणी राज्यों में शामिल किया गया है, जो हरित परिवहन और सतत विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने परिवहन विभाग के एम-फिटनेस ऐप का भी शुभारंभ किया, जिससे डिजिटल फिटनेस जांच, फोटो और जीपीएस प्रमाण, फर्जी प्रमाणपत्रों की रोकथाम, कागज रहित प्रक्रिया और वास्तविक समय डेटा सिंक्रोनाइज़ेशन की सुविधा मिलेगी। मंत्री ने कहा कि पुरानी पेट्रोल/डीजल टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है और 390 नए बस मार्गों पर बसों की खरीद के लिए 30 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

