रबी सीजन की फसलों की खरीद व्यवस्था के संबंध में जगाधरी स्थित जिला सचिवालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आवास विभाग और सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शायिन ने की। बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारी और गेहूं खरीद में शामिल एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मोहम्मद शायिन ने कहा कि हरियाणा सरकार ने राज्य में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू कर दी है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अनाज मंडियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई कठिनाई न हो।
मोहम्मद शायिन ने कहा, “गेहूं की खरीद संबंधी कार्यों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, और रबी के मौसम के दौरान अनाज बाजारों में फसल बेचने के लिए गेट पास ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर विवरण दर्ज करके बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही जारी किए जाने चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि किसानों को अपनी उपज निर्धारित समय के भीतर लानी चाहिए, क्योंकि गेट पास सुबह 6 बजे से रात 8 बजे के बीच जारी किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैक्टर पर आगे की नंबर प्लेट होना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर चेकपॉइंट स्थापित किए जाने चाहिए ताकि अन्य राज्यों से गेहूं की आपूर्ति को रोका जा सके। उन्होंने आगे कहा कि आबकारी एवं कराधान विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी के लिए शिफ्ट में तैनात किया जाना चाहिए।
शायिन ने कहा, “गेहूं की खरीद के काम में शामिल सभी अधिकारी और कर्मचारी उपायुक्त की अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ेंगे।” डीसी प्रीति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गेहूं खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी अनाज मंडियों में उचित स्वच्छता और वजन मशीनों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि खरीद के मौसम के दौरान अनाज मंडियों में बिजली, पीने का पानी, शौचालय, भोजन, आवास, सीसीटीवी कैमरे, मौसम निगरानी मशीनें और अच्छी सड़कें जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


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