July 27, 2026
National

शिक्षा मंत्री बदलने से नहीं, व्यवस्था बदलने से होगा समाधान : सौगत रॉय

The solution lies in changing the system, not the Education Minister: Saugata Roy

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने नीट पेपर लीक विवाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने, संसद में इस मुद्दे पर चर्चा और विपक्षी दलों की रणनीति पर अपनी प्रतिक्रिया दी। रविवार को उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल या नेता का नहीं, बल्कि देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।

राहुल गांधी को यूथ कांग्रेस की ओर से श्रेय दिए जाने पर सौगत रॉय ने कहा, “कांग्रेस यह दावा कर सकती है, क्योंकि राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लगातार उठाया। राहुल गांधी ने पहले जयपुर और फिर देहरादून में छात्रों के मार्च का नेतृत्व किया और प्रधानमंत्री आवास और गांधी स्मृति तक विरोध मार्च में भी शामिल रहे। राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का लगातार समर्थन किया, लेकिन इस आंदोलन का वास्तविक श्रेय देशभर के छात्रों और युवाओं को जाता है, जिन्होंने अपनी आवाज बुलंद की।”

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में उनकी संभावित भूमिका पर बोलते हुए सौगत रॉय ने कहा, “राज्यसभा के नियमों के तहत इस्तीफा देने वाले मंत्री को विशेष प्रावधानों के अंतर्गत बयान देने की अनुमति दी जा सकती है। यदि धर्मेंद्र प्रधान सदन में बयान देते हैं तो इस पर व्यापक चर्चा और हंगामे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह फैसला संसदीय नियमों के अनुरूप होगा।”

नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सांसद ने कहा, “मंत्रालय में बदलाव से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान कैसे किया जाता है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने पर ध्यान देना चाहिए।”

पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों और राज्य सरकार की कार्रवाई पर सौगत रॉय ने कहा, “किसी भी छात्र आंदोलन या जन प्रदर्शन को सांप्रदायिक रंग देना उचित नहीं है। विरोध प्रदर्शनों को हिंदू-मुस्लिम मुद्दा बनाने की कोशिश गलत है और लोकतांत्रिक आंदोलनों को उसी रूप में देखा जाना चाहिए।”

बिहार की स्थिति पर उन्होंने कहा कि वहां आंदोलन तेज हो गया है। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें पुलिस कार्रवाई और तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी का जिक्र किया गया था। इन घटनाओं से बिहार का राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है और सरकार को स्थिति को संवेदनशीलता के साथ संभालना चाहिए।

इस बीच, कोलकाता में टीएमसी सांसद डोला सेन ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “केवल चेहरे बदलने से नीतियों में बड़ा अंतर नहीं आता। चाहे धर्मेंद्र प्रधान हों या प्रह्लाद जोशी, सरकार की कार्यशैली का निर्धारण शीर्ष नेतृत्व करता है, इसलिए केवल मंत्री बदलने से स्थिति में विशेष बदलाव की उम्मीद नहीं की जा सकती।”

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