June 4, 2026
National

मध्यप्रदेश के जनजातीय छात्रावासों को नहीं मिल रहा राशन : उमेश सिंघार

Tribal hostels in Madhya Pradesh are not getting ration: Umesh Singhar

26 मई मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य में जनजातीय वर्ग के छात्र छात्राओं के लिए संचालित छात्रावासों को सस्ते राशन की आपूर्ति न होने का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप है कि प्रदेश के 343 जनजातीय छात्रावासों में 22 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं पिछले तीन महीनों से सस्ते राशन का इंतजार कर रहे हैं। मार्च, अप्रैल और मई में गेहूं-चावल का आवंटन नहीं हुआ, जिसके कारण छात्रावास उधारी पर चल रहे हैं।

भोपाल के 21 हॉस्टलों सहित पूरे प्रदेश में आदिवासी बच्चों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि 154 एसटी हॉस्टल में 10 हजार और 189 एससी हॉस्टल में 12 हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार उनसे एक वक्त का भोजन तक छीन रही है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार विज्ञापनों में आदिवासी हितैषी बनने का ढोंग करती है, हकीकत में समय पर भोजन नहीं दे सकती, वह उनके भविष्य की क्या चिंता करेगी?

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, आदिवासी समाज के भविष्य के साथ किया जा रहा अन्याय है। दरअसल, राज्य की राजनीति मे अनुसूचित जनजाति वर्ग चुनाव की दृष्टि से काफी अहम है। राज्य में करीब 21 प्रतिशत आबादी इसी वर्ग की है। यह वर्ग जिस भी राजनीतिक दल का साथ देता है उसके हिस्से में सत्ता आ जाती है। लिहाजा दोनों प्रमुख दलों का इस वर्ग को लुभाने पर जोर होता है।

अब जनजातीय वर्ग के छात्रों का मामला सामने आया तो कांग्रेस द्वारा सरकार को घेरा जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर सरकार जनजातीय वर्ग के साथ सभी के विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाने के दावे कर रही है। कुल मिलाकर दोनों दल विकास और उपेक्षा के सहारे इस वर्ग के बीच अपनी पकड़ को मज़बूत बनाए रखना चाहते है।

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