15 अप्रैल । दिल्ली स्थित एंटी-बर्गरली सेल ने द्वारका जिले में आभूषण की दुकानों से सोने की अंगूठियां चुराने वाले दो चोरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी दुकानदारों को धोखा देकर असली आभूषण को नकली से बदल देते थे। दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और फेसबुक के जरिए एक-दूसरे से मिले थे।
डीसीपी कुशल पाल सिंह के अनुसार, 15 नवंबर को रविंदर सिंह ने शिकायत की थी कि 14 नवंबर 2025 की शाम को ग्राहक बनकर आए एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोने की अंगूठी की चोरी कर ली गई। शिकायत पर थाना डाबरी में केस दर्ज किया गया था।
एंटी-बर्गरली सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर विवेक मैंडोला के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम घटनास्थल पर पहुंची और दुकान के सीसीटीवी फुटेज को देखा, जिसमें एक व्यक्ति दुकानदार का ध्यान भटकाकर नकली अंगूठी को असली अंगूठी से बदलते हुए दिखाई दे रहा था। जांच में पता चला कि एक अन्य व्यक्ति दुकान के बाहर मोटरसाइकिल पर इंतजार कर रहा था और चोरी करने के बाद दोनों उस पर बैठकर फरार हो गए।
उस समय, टीम ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से दोनों का पीछा करना शुरू किया, लेकिन सीसीटीवी कैमरों की कमी के कारण उन्हें ट्रैक नहीं किया जा सका। इस प्रक्रिया में टीम को आरोपी की स्पष्ट तस्वीर मिल गई। आरोपी की पहचान करने के लिए टीम ने मुखबिरों और अन्य जिलों की कई विशेष टीमों के बीच तस्वीर साझा करना शुरू कर दिया। हाल ही में टीम ने आरोपी की पहचान नांगलोई निवासी चरणजीत के रूप में की। टीम ने उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से उसका मोबाइल नंबर प्राप्त किया। इसके बाद नांगलोई, सुभाष नगर और दिल्ली के अन्य हिस्सों में कई छापे मारे गए।
टीम के निरंतर प्रयासों का फल तब मिला जब हेड कांस्टेबल कृष्ण के एक मुखबिर ने बताया कि चरणजीत शाम लगभग 6:30 बजे अपने साथी के साथ चोरी की मोटरसाइकिल पर पालम क्षेत्र में आएगा। टीम ने तुरंत जाल बिछाया और शाम लगभग 6:10 बजे चरणजीत को उसके साथी के साथ एक बिना नंबर वाली स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर रोका गया। इसके बाद टीम ने मोटरसाइकिल का रास्ता रोक दिया, फिर भी आरोपी ने भागने की कोशिश की लेकिन सतर्क टीम के सदस्यों ने उसके भागने के प्रयास को विफल कर दिया।
पूछताछ करने पर मोटरसाइकिल चालक की पहचान जय प्रकाश उर्फ पुन्नी और पीछे बैठे व्यक्ति चरणजीत के रूप में हुई। आरोपी चरणजीत की तलाशी ली गई तो उसके पास से 2 नकली सोने की अंगूठियां और 1 कंगन बरामद हुआ। मोटरसाइकिल भी दिल्ली के बिंदापुर थाने से चोरी हुई पाई गई।
दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई, जिसके बाद पता चला कि चरणजीत का जन्म फरीदाबाद में हुआ था, लेकिन उसका पालन-पोषण अमृतसर, पंजाब में हुआ। उसके पिता सुनार थे, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद परिवार की आमदनी बंद हो गई। वहीं, चरणजीत को स्मैक की लत लग गई। आरोपी जय प्रकाश बेरोजगार है और उसे भी स्मैक की लत है। दोनों फेसबुक के जरिए मिले और दोस्त बन गए। आरोपी चरणजीत को सुनार का कुछ अनुभव था, इसलिए उन्होंने आभूषण की दुकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने दिल्ली और पंजाब के सुभाष नगर, चंदर विहार और पटेल नगर इलाकों में कई घटनाएं की हैं। मामलों की जांच चल रही है।

