विशेष जांच इकाई (एसडीयू) की एक टीम ने कुख्यात नंदू गिरोह से कथित तौर पर जुड़े दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कैथल जिले के काकोट गांव के निवासी रोहित उर्फ भोलार और जिंद जिले के पेगा गांव के निवासी लोकेश के रूप में हुई है।प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह गिरोह दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में जबरन वसूली, सुपारी लेकर हत्या, जमीन हड़पने और अवैध हथियार आपूर्ति जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने इसी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था – करण उर्फ अंकुश, सौरभ उर्फ बाबा, दोनों कैथल जिले के नैना गांव के निवासी और सुमित उर्फ सिम्मी, जो करनाल जिले के जलमाना गांव का निवासी है। तलाशी के दौरान पुलिस ने करण से एक देसी पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस, सौरभ से एक देसी पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस तथा सुमित से दो मैगज़ीन और चार जिंदा कारतूस बरामद किए। तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
करण और सुमित को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया, जबकि सौरभ को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शनिवार को लोकेश और रोहित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि दोनों को रविवार को अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वे गिरोह के सरगना कपिल सांगवान उर्फ नंदू और उसके साथी साहिल के निर्देशों पर काम कर रहे थे। उनकी भूमिका गिरोह के सदस्यों से हथियार इकट्ठा करना और अपराध को अंजाम देने के बाद उन्हें सौंपना थी। पुलिस ने बताया कि लोकेश ने करण को साहिल से मिलवाया था और गिरोह में उसकी एंट्री करवाई थी। उस पर अवैध हथियार जुटाने और शूटर मुहैया कराने का भी आरोप है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि रोहित को कथित तौर पर करण ने दिल्ली में 4 लाख रुपये के एक अपराध की योजना बनाने के लिए शूटर के रूप में भर्ती किया था।

