ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने आज हिमाचल सरकार द्वारा विधायकों की प्राथमिकता वाले कार्यों के लिए संशोधित दिशानिर्देशों का विरोध किया, जिसके तहत एक वित्तीय वर्ष में केवल एक ही कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना विभाग की पिछली तीन बैठकों में विधायकों द्वारा सूचीबद्ध कार्य भी अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को विकास विरोधी बताया।
सती ने यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह दुखद है कि धन की कमी से जूझ रही राज्य सरकार ने विधायक की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को भी नजरअंदाज कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में विकास गतिविधियां ठप्प हो गई हैं और सरकार के पास न तो कोई ठोस योजना है और न ही वह विकास के मुद्दे को लेकर गंभीर है।
उन्होंने कहा कि सरकार अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए कई योजनाओं पर रोक लगा रही है। उन्होंने आगे कहा कि विधायक जन प्रतिनिधि होते हैं और जनता अपनी मांगें रखती है। निर्वाचन क्षेत्र की प्राथमिकताओं के आधार पर विधायक कार्यान्वित किए जाने वाले कार्यों का निर्णय लेते हैं। हालांकि, जनता की मांगों को पूरा न करना लोकतंत्र के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
सत्ती ने कहा कि वर्तमान में राज्य में चल रहे सभी विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा धन दिया जा रहा है।

