N1Live Uttar Pradesh यूपी : खेतीबाड़ी और पर्यटन से पूर्वांचल का कायाकल्प
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यूपी : खेतीबाड़ी और पर्यटन से पूर्वांचल का कायाकल्प

UP: Rejuvenation of Purvanchal through agriculture and tourism

लखनऊ, 3 अप्रैल । खेतीबाड़ी और पर्यटन के जरिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पूर्वांचल का कायाकल्प कर रही है। विश्व बैंक की मदद से चलाई जा रही यूपी एग्रीज योजना से खेतीबाड़ी का कायाकल्प होगा, तो नीति आयोग के सुझाव पर योगी सरकार जिस काशी और प्रयागराज धर्म क्षेत्र तथा राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) की तर्ज पर वाराणसी एवं विंध्य क्षेत्र का विकास करने जा रही है, उससे यहां के पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह क्षेत्र औद्योगिकीकरण में भी पीछे नहीं रहेगा।

इस धर्म क्षेत्र का रकबा करीब 22,393 वर्ग किलोमीटर का होगा। इनमें काशी और प्रयागराज के अलावा चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मीरजापुर और भदोही भी शामिल हैं। इनकी संयुक्त आबादी करीब 2.5 करोड़ की होगी। नीति आयोग की कार्ययोजना के अनुसार इस क्षेत्र में आने वाले धार्मिक क्षेत्रों के विकास के अलावा स्थान विशेष की परंपरा और उपयोगिता के हिसाब से औद्योगिक क्षेत्र और नॉलेज पार्क भी बनने हैं। सरकार इसका फुलप्रूफ प्लान तैयार कर चुकी है। यूपी एग्रीज जैसी महत्वाकांक्षी योजना की तो शुरुआत भी हो चुकी है।

विकास के इन सभी कार्यों को गति देने के लिए कनेक्टिविटी पर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खासा जोर है। गोरखपुर से वाराणसी तक फोरलेन सड़क लगभग बन चुकी है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का काम भी पूरा है। संभव है कि अगले महीने इसका उद्घाटन भी हो जाए। चंदौली से गाजीपुर को जोड़ने वाला करीब 100 किमी लंबा एक्सप्रेसवे भी पूर्वांचल के विकास की गति देगा। इस पर करीब 7,000 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग का भी लाभ पूर्वांचल को मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के क्रम में प्रयागराज को सोनभद्र से जोड़ने वाले करीब 300 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का लाभ भी पूर्वांचल के कुछ जिलों को मिलेगा। उत्तर प्रदेश में देश का इकलौता अंतरराज्यीय जलमार्ग है। यह प्रयागराज को हल्दिया से जोड़ता है। इसे और विस्तार देने की घोषणा सरकार कर चुकी है।

निर्माणाधीन कुशीनगर कृषि विश्वविद्यालय, गोरखपुर के पशु चिकित्सा महाविद्यालय के बन जाने पर कृषि और पशुपालन दोनों क्षेत्रों में शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, इसका भी लाभ किसानों को मिलेगा।

‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) से जुड़े कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग का भी पूर्वांचल के किसानों को खूब लाभ मिला है। मालूम हो कि प्रतापगढ़ का आंवला, कुशीनगर का केला, अयोध्या का गुड़, सिद्धार्थनगर का काला नमक धान आदि का आज देश और दुनिया में जलवा है। इससे संबंधित जिले के किसानों को खासा लाभ हो रहा है।

यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पसंदीदा योजना है, लिहाजा वह इसकी लगातार न केवल चर्चा करते हैं, बल्कि निगरानी भी करते हैं। सरकार इन उत्पादों के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर के जरिए उत्पादन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए ढेर सारी सुविधाएं भी देती है। इसी कारण इनके और इनसे जुड़े किसानों के विकास का सिलसिला जारी रहेगा।

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