December 5, 2022
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ब्रिटेन के गृह मंत्री के रूप में ब्रेवरमैन की फिर से नियुक्ति पर विवाद

लंदन, ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन को फिर से गृह मंत्री के रूप में नियुक्त कर एक नए विवाद की शुरूआत कर दी है। पूर्व पीएम लिज ट्रस की आर्थिक नीति की मुखर आलोचक ब्रेवरमैन ने ईमेल सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के बाद पिछले सप्ताह पद छोड़ दिया था। अपने इस्तीफे में, उन्होंने ट्रस सरकार के निर्देश के बारे में चिंता जताई थी।

लेबर सांसद क्रिस ब्रायंट ने ट्वीट किया, सुएला ब्रेवरमैन को सुरक्षा उल्लंघन के लिए बर्खास्त किए जाने के कुछ ही दिनों बाद गृह मंत्री के रूप में नियुक्त करना ईमानदारी, क्षमता, व्यावसायिकता या समझदार राजनीति से प्रेरित नहीं लगती। यह सिर्फ सनकी पैंतरेबाजी है। यह पीएम पिछले दो पीएम से बेहतर नहीं है।

ब्रेवरमैन के पिता गोआ मूल के और मां तमिल है, लेकिन उनका जन्म लंदन में हुआ। ब्रेवरमैन सुनक के समर्थन में यह कहते हुए सामने आई कि वह एकमात्र उम्मीदवार हैं जो सही हैं और मुझे उनका समर्थन करने पर गर्व है।

ब्रेवरमैन की नियुक्ति के कुछ देर बाद सुनक ने कहा कि वह ईमानदारी, व्यावसायिकता और जवाबदेही के साथ कंजर्वेटिव पार्टी का नेतृत्व करना चाहते हैं।

लेबर सांसद यवेटे कूपर ने सुनक पर निशाना साधते हुए कहा, इस तरह की अराजकता की जगह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी सरकार में ‘हर स्तर पर ईमानदारी और जवाबदेही’ हो, फिर भी उन्होंने सुएला ब्रेवरमैन को सुरक्षा चूक, संवेदनशील सरकारी जानकारी भेजने के लिए इस्तीफा देने के एक हफ्ते बाद फिर से मंत्री नियुक्त किया है।

द गार्जियन के अनुसार, इस कदम को सुनक का समर्थन करने के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय मीडिया रिपोटरें के अनुसार, प्रवास नियंत्रण पर उनके रुख पर भी सवाल उठाए गए थे, जिस पर उनकी ही पार्टी के लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

मानवाधिकारों पर यूरोपीय सम्मेलन से ब्रिटेन के बाहर निकलने का समर्थन करते हुए, ब्रेवरमैन का कहना है कि यह उनके देश के लिए आव्रजन समस्याओं को हल करने का एकमात्र तरीका है।

अक्टूबर में कंजर्वेटिव पार्टी के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, मैं रवांडा के लिए उड़ान भरने वाले विमान के साथ द टेलीग्राफ का फ्रंट पेज होना पसंद करूंगी .. यह मेरा सपना है। यह मेरा जुनून है।

ब्रेवरमैन ने भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते को यह कहकर खारिज कर दिया कि उन्हें डर है कि इस सौदे से यूके में प्रवास बढ़ेगा, जब भारतीय पहले से ही वीजा ओवरस्टे करते हैं।

उन्होंने यूके में अनियंत्रित प्रवासन और लीसेस्टर में दंगों के लिए एकीकृत करने में विफलता को दोषी ठहराया।

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