N1Live Entertainment ‘शुरुआत में समझौते करने पड़ते हैं’, इंडस्ट्री की सच्चाई पर खुलकर बोलीं त्रिधा चौधरी
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‘शुरुआत में समझौते करने पड़ते हैं’, इंडस्ट्री की सच्चाई पर खुलकर बोलीं त्रिधा चौधरी

'You have to make compromises in the beginning', Tridha Choudhury opens up about the reality of the industry

फिल्म जगत में नए कलाकारों का सफर अक्सर आसान नहीं होता। इंडस्ट्री में पहचान बनाने के लिए कभी लंबे समय तक काम करना पड़ता है तो कभी कम फीस में बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना पड़ता है। इस पर आईएएनएस के साथ बातचीत में अभिनेत्री त्रिधा चौधरी ने खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि पहले के मुकाबले अब इंडस्ट्री काफी बदल चुकी है और नए कलाकार पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं।

आईएएनएस ने जब त्रिधा से पूछा कि क्या नए कलाकार उत्साह में आकर बिना पूरी जानकारी के कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लेते हैं, इस सवाल का जवाब देते हुए अभिनेत्री ने कहा, ”अब ऐसा पहले जितना नहीं होता। आजकल कलाकार ज्यादा समझदारी से फैसले लेते हैं और किसी भी प्रोजेक्ट को साइन करने से पहले उसके फायदे और नुकसान दोनों को समझने की कोशिश करते हैं।”

त्रिधा ने अपने निजी अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा, ”मैंने खुद कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम किया है, जहां कई बार मुझे अपनी फीस में समझौता करना पड़ा। यह हमेशा मजबूरी की वजह से नहीं होता, बल्कि कई बार सामने वाले के अनुभव और सम्मान को देखते हुए भी ऐसा करना पड़ता है। मैंने कई बार तय समय से ज्यादा काम किया, क्योंकि बड़े बैनर के साथ काम करना करियर के लिए बड़ा अवसर होता है।”

त्रिधा ने आगे कहा, ”हालांकि कई बार यह स्थिति नए कलाकारों के लिए शोषण जैसी लग सकती है। जब कोई नया कलाकार इंडस्ट्री में आता है, तो उसके अंदर खुद को साबित करने की इच्छा होती है। ऐसे में वह कई चीजों में समझौता कर लेता है। शुरुआत में समझौते करने पड़ते हैं, लेकिन इस स्थिति का दूसरा पहलू भी है। बड़े प्रोडक्शन हाउस और बैनर कलाकारों को आगे बढ़ाने के लिए काफी पैसा खर्च करते हैं। वे कलाकारों का प्रचार करते हैं, उन्हें पहचान दिलाते हैं और उनके करियर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।”

त्रिधा इन दिनों संजय दत्त के साथ फिल्म ‘आखिरी सवाल’ को लेकर चर्चा में है। लोग उनकी एक्टिंग को काफी पसंद कर रहे है। इस फिल्म को लेकर उन्होंने कहा, ”यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें देश और समाज से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को उठाया गया है।”

त्रिधा ने कहा, ‘आखिरी सवाल’ पूरी तरह देशभक्ति की भावना से जुड़ी फिल्म है। हर भारतीय नागरिक को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि यह लोगों को सोचने पर मजबूर करती है। फिल्म में देश के इतिहास से जुड़े कई बड़े मुद्दों और घटनाओं को दिखाया गया है। इसमें बाबरी मस्जिद विध्वंस और इमरजेंसी जैसे संवेदनशील विषयों का भी जिक्र किया गया है।”

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