राज्य सरकार ने आगामी पंचायत चुनावों में हेरोइन (चिट्टा) की तस्करी में शामिल व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का फैसला किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इस निर्णय का उद्देश्य राज्य में बढ़ते मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकना है। पंचायती राज संशोधन विधेयक, 2026 का मसौदा भी पारित कर दिया गया है, जिसे जल्द ही विधानसभा में पेश किया जाएगा।
राज्य में चिट्टा (नशीली दवाओं का अवैध व्यापार) की समस्या काफी बढ़ गई है, जिसके चलते राज्य के दूरदराज के इलाकों के युवा भी इसकी चपेट में आ गए हैं। कई सरकारी कर्मचारी नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल पाए गए हैं। कुछ ही दिन पहले, नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया था।
इसके अलावा, सरकार ने नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली को ही जारी रखने का निर्णय लिया है। बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन सरकार ने प्रणाली में कोई बदलाव न करने का निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल ने राज्य भर के 151 सीबीएसई विद्यालयों में 2,068 शिक्षकों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, हमीरपुर, नेरचौक और आईजीएमसी शिमला के मेडिकल कॉलेजों में जैव-भौतिकी विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने नाहन मेडिकल कॉलेज को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की सिफारिश वाली रिपोर्ट को भी मंजूरी दी।
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी संकट की आशंका को देखते हुए, सरकार ने पेट्रोलियम कंपनियों को एलपीजी आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने में सहायता देने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने हाल ही में लगाए गए प्रवेश कर पर भी अनौपचारिक चर्चा की। मंत्रिमंडल ने सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया।

