June 4, 2026
National

चुनाव नतीजों पर माकपा की समीक्षा, बंगाल में भाजपा की जीत पर जताई चिंता

CPI(M) reviews election results, expresses concern over BJP’s victory in Bengal

माकपा की केंद्रीय समिति (सीसी) ने हालिया विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर राजनीतिक, संगठनात्मक और वैचारिक कारणों की प्रारंभिक समीक्षा की है। पार्टी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत और समाज में हिंदुत्व सांप्रदायिक ताकतों के मजबूत होने पर गहरी चिंता जताई है।

22 से 24 मई, 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय समिति की बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि केरल में चुनावी झटके के कारणों को समझने के लिए राज्य समिति विभिन्न स्तरों से राय जुटा रही है। इन सुझावों पर 5 से 8 जून के बीच तिरुवनंतपुरम में होने वाली राज्य सचिवालय और राज्य समिति की बैठकों में विस्तार से चर्चा होगी, जिसमें पोलित ब्यूरो के सदस्य भी शामिल होंगे। पार्टी ने कहा कि पहचानी गई कमजोरियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

पार्टी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में भी सभी इकाइयों से राय ली जाएगी और जून के अंत तक राज्य समिति समीक्षा को अंतिम रूप देगी। तमिलनाडु और असम में भी इसी तरह की समीक्षा प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

माकपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी की वापसी को सकारात्मक बताया। साथ ही कहा कि पुडुचेरी के माहे से पार्टी समर्थित एक उम्मीदवार ने निर्दलीय के रूप में जीत दर्ज की है। केंद्रीय समिति ने उन सभी राज्यों के मतदाताओं का आभार जताया, जिन्होंने पार्टी और उसके सहयोगियों को समर्थन दिया।

पार्टी ने कहा कि वह जनता के मुद्दों को उठाने, उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने और “सत्तावादी तथा हिंदुत्व-कॉरपोरेट हमलों” का विरोध करने में अग्रिम पंक्ति में बनी रहेगी। निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी जनता के मुद्दों को सदनों में उठाएंगे और कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।

माकपा ने तमिलनाडु में नवगठित सरकार से भी अपेक्षा जताई। पार्टी ने कहा कि टीवीके की सरकार, जिसका नेतृत्व विजय कर रहे हैं, संविधान, संघीय ढांचे, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा संबंधी अपने वादों के अनुरूप शासन करेगी।

केंद्रीय समिति ने कहा कि चुनाव परिणामों की एक व्यापक प्रवृत्ति समाज में हिंदुत्व सांप्रदायिक ताकतों का सुदृढ़ होना और पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करना है। पार्टी ने कहा कि भले ही भाजपा को केरल और तमिलनाडु में सीमित सीटें मिली हों, लेकिन उसका विस्तार चिंता का विषय है।

माकपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आरएसएस-भाजपा की जीत और असम में उनकी सत्ता में वापसी सभी धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और लोकतांत्रिक ताकतों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पार्टी ने भरोसा दिलाया कि वह सांप्रदायिक सौहार्द और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।

पार्टी की केंद्रीय समिति जुलाई 2026 के दूसरे पखवाड़े में फिर बैठक करेगी, जिसमें राज्यों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर चुनाव परिणामों का व्यापक विश्लेषण किया जाएगा और शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक संगठनात्मक कमजोरियों को दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

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