अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रवक्ता और थियोग विधायक कुलदीप राठौर ने बुधवार को हिमाचल सदन और युवा कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को असहमति की आवाजों को दबाने का प्रयास करार दिया और राज्य सरकार से दिल्ली पुलिस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में राठौर ने कहा कि बिना वारंट के नई दिल्ली स्थित हिमाचल सदन परिसर पर छापा मारना निजता का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने आगे कहा कि आधी रात को दरवाजे खटखटाना और तलाशी लेना एक गंभीर मामला है, जिस पर हिमाचल सरकार द्वारा कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। केंद्र सरकार पर जमकर प्रहार करते हुए राठौर ने कहा, “देश किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। लोकतंत्र में सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन जनता की आवाज उठाना विपक्ष का कर्तव्य है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन को “बड़ा मुद्दा” बनाकर युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। राठौर ने कहा कि 20 फरवरी को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रस्तावित अमेरिका-भारत व्यापार समझौते और किसानों और युवाओं पर इसके प्रतिकूल प्रभाव के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया था।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के साथ-साथ बेरोजगारी और रोजगार के अवसरों की कमी के कारण युवाओं में व्यापक आक्रोश है।

