September 4, 2026
National

सनातन को मुगल-अंग्रेज भी नहीं मिटा सके, अब कौन मिटाएगा: कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया

Even the Mughals and the British could not erase Sanatan; who will erase it now? – Congress MP Tanuj Punia

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक मुद्दों, राम मंदिर ट्रस्ट में सीईओ की नियुक्ति, युवाओं के आंदोलन, मायावती की राजनीति और कांग्रेस-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सनातन संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए सरकार से स्कूलों, अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बचाव किए जाने पर भी सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं पाया और मथुरा में अयोध्या-काशी की तरह भव्य परिसर की बात कही थी, तनुज पुनिया ने कहा कि हजारों वर्षों में मुगल और अंग्रेज भी सनातन को खत्म नहीं कर सके तो अब इसे कौन खत्म कर सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को धार्मिक मुद्दों के बजाय स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति पर चर्चा करनी चाहिए। अस्पतालों में दवाइयों, तकनीशियनों, एक्स-रे और एमआरआई जैसी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और बारिश के कारण स्कूलों में पानी भरने जैसी समस्याओं का भी जिक्र किया।

राम मंदिर ट्रस्ट में नए सीईओ की नियुक्ति और संत कमल नयन दास द्वारा चंपत राय के समर्थन को लेकर पुनिया ने कहा कि चंपत राय का बचाव पहले से किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर में चंदे और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताएं उनकी देखरेख के दौरान हुईं। मामले में छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई, लेकिन बड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर या व्यापक जांच नहीं हुई।

अखिलेश यादव के जेन-जी और जेन-अल्फा पर फोकस को लेकर पुनिया ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है और युवाओं को प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। यदि प्रदर्शन करने वाले युवाओं ने किसी राजनीतिक दल को धन्यवाद दिया है तो भाजपा को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। भाजपा को संवैधानिक अधिकारों के इस्तेमाल से परेशानी होती है, खासकर जब कोई कदम उसके राजनीतिक हितों के खिलाफ जाता है।

मायावती द्वारा आकाश आनंद को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से दूर रखने के सवाल पर पुनिया ने कहा कि जिम्मेदारी दिए बिना किसी व्यक्ति के परिपक्व होने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने दावा किया कि आकाश आनंद जब भाजपा के खिलाफ बोलते हैं, तभी उनके पद से हटाए जाने की खबरें सामने आती हैं। आकाश को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर दिया जाना चाहिए।

वहीं, मायावती की कांग्रेस पर टिप्पणी के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि बहुजन समाज पार्टी वास्तव में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान में विश्वास करती है तो उसे विपक्षी गठबंधन के साथ आकर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहिए था।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े हल्दवानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर पुनिया ने कहा कि कांग्रेस न्याय मिलने तक इस मुद्दे को उठाती रहेगी। घटना के बाद जांच का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद एफआईआर तक नहीं हुई। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ कुछ ही घंटों में एफआईआर दर्ज होने का जिक्र करते हुए भाजपा पर राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया।

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना पर कांग्रेस की आपत्तियों का बचाव करते हुए पुनिया ने कहा कि कोरोना महामारी के चरम के दौरान हजारों करोड़ रुपए की परियोजना के लिए आवंटित किए गए थे। उस समय प्राथमिकता मजदूरों को घर पहुंचाने, जरूरतमंदों को राशन-दवा उपलब्ध कराने और अस्पतालों का बुनियादी ढांचा मजबूत करने की होनी चाहिए थी। तमिलनाडु में करीब 1,200 करोड़ रुपए के सचिवालय प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने कहा कि विकास कार्य होना अच्छी बात है, लेकिन कांग्रेस की आपत्ति प्राथमिकताओं को लेकर थी।

एक छात्रा द्वारा पिता पर हमले के आरोपियों को बचाने की शिकायत और राहुल गांधी से मदद की अपील पर पुनिया ने कहा कि राहुल गांधी जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाते हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के युवा और अन्य वर्गों के लोग अपनी समस्याएं लेकर राहुल गांधी के पास पहुंचते हैं और कांग्रेस उनके साथ खड़ी होगी।

राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयान पर अनिरुद्धाचार्य महाराज की आपत्ति को लेकर पुनिया ने कहा कि राहुल गांधी ने मनुस्मृति के संदर्भों को उद्धृत करते हुए महिलाओं, दलितों और पिछड़े वर्गों की स्थिति से जुड़े प्रावधानों पर बात की थी। उन्होंने कहा कि भारत किसी धार्मिक पुस्तक के आधार पर नहीं, बल्कि संविधान के आधार पर चलेगा। उनके मुताबिक, देश में बनने वाले कानून संविधान के अनुरूप होने चाहिए।

Leave feedback about this

  • Service