September 4, 2026
National

दिशा सालियान केस से लेकर मराठा आरक्षण तक, राम कदम ने कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा

From the Disha Salian case to Maratha reservation, Ram Kadam cornered the opposition on several issues.

भाजपा विधायक राम कदम ने दिशा सालियान मामले में आदित्य ठाकरे के जवाब, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अपील, मराठा आरक्षण आंदोलन और उत्तर प्रदेश की राजनीति समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दिशा सालियान मामले की सीबीआई जांच का हवाला देते हुए कहा कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। वहीं, उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाया।

राम कदम ने दिशा सालियान मामले को लेकर कहा कि यदि आदित्य ठाकरे का इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है तो दिशा सालियान के पिता द्वारा उनका नाम लिए जाने पर सवाल उठते हैं। उद्धव ठाकरे सरकार के कार्यकाल में इस मामले को दबाने के प्रयास के आरोप स्वयं पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए थे। दिशा सालियान के परिवार ने लगातार न्याय की मांग की और मामले को सीबीआई को सौंपने की अपील भी की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि परिवार को न्याय की मांग के लिए इतने लंबे समय तक इंतजार क्यों करना पड़ा।

राम कदम ने कहा कि इस मामले में आदित्य ठाकरे क्या कहते हैं, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण पीड़ित परिवार की बात है। अब सीबीआई यह जांच करेगी और जांच के बाद जो भी सच्चाई होगी, वह सामने आएगी।

सुनेत्रा पवार की अपील पर राम कदम ने कहा कि उन्होंने अपने पति को खोया है और उनके बेटों जय और पार्थ ने अपने पिता को खोया है। महाराष्ट्र ने भी अपने एक नेता को खोया है। इसके बावजूद पवार परिवार साहस के साथ सामाजिक जीवन में वापस आया है। सुनेत्रा पवार स्वयं अपील कर रही हैं कि उनके पति के निधन को लेकर कोई राजनीतिक स्तर न गिराए। राम कदम ने विपक्षी नेताओं से सवाल किया कि क्या वे उनके परिवार की भावनाओं का सम्मान करेंगे और आगे भी इस मुद्दे पर राजनीति करने से बचेंगे।

राम कदम ने सीजेपी को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान का हवाला देते हुए इसे ‘कांग्रेस को जिताओ पार्टी’ बताया। उन्होंने कहा कि इस संगठन से अलग होने वाले कुछ लोगों की ओर से भी उसके नेतृत्व पर आरोप लगाए जा रहे हैं। युवाओं और छात्रों को राजनीतिक गतिविधियों के जरिए भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए। मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों के पीछे कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल से जुड़े लोगों की भूमिका होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने केंद्र की आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की जीडीपी वृद्धि उम्मीद से बेहतर रही है और भारत वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में विपक्ष की ओर से की जा रही राजनीति एक सोची-समझी रणनीति और अवसरवाद का हिस्सा है।

मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर राम कदम ने कहा कि मराठा समाज लंबे समय से अपनी मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है। पिछली सरकारों ने इस मांग पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जबकि देवेंद्र फडणवीस और बाद में एकनाथ शिंदे ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। लोकतंत्र में मांग रखने, उपवास करने और आंदोलन करने का अधिकार है। सरकार को संवाद और चर्चा के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। भाजपा मराठा समाज के साथ है, लेकिन किसी दूसरे समाज के अधिकार या आरक्षण को नुकसान पहुंचाकर समाधान निकालना उचित नहीं होगा। सरकार की प्राथमिकता मराठा समाज को न्याय दिलाने के साथ-साथ अन्य समुदायों के आरक्षण को भी प्रभावित होने से बचाना है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राम कदम ने कहा कि आगामी चुनाव में उन्हें हार दिखाई दे रही है और इसी वजह से वे आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव द्वारा ‘चवन्नी’ शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठाया। कदम ने सपा की पिछली सरकारों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए अयोध्या से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता तय करेगी कि राजनीतिक विरोधियों के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने वालों को कितना महत्व दिया जाए।

राम कदम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सनातन धर्म से जुड़े बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें सनातन हिंदू धर्म की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। वहीं, कृष्ण जन्माष्टमी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का जन्म कारागार में हुआ था, लेकिन उन्होंने कंस का अंत किया। सनातन विरोधी मानसिकता रखने वालों के खिलाफ योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

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