किसान संघों, महिला समूहों और छात्र संघों के सदस्यों ने जालंधर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें पंजाब के सामने मौजूद समकालीन मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें राज्य में गंभीर जल संकट पर विशेष ध्यान दिया गया।
जालंधर में एक विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें राज्य को प्रभावित करने वाले गंभीर पारिस्थितिक, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चिंता व्यक्त की गई। इस अवसर पर नेताओं ने राज्य में घटते भूजल को बचाने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया, जिसके संबंध में यदि तत्काल कड़े कदम नहीं उठाए गए तो 2041 तक राज्य अपने भूजल भंडार से वंचित हो जाएगा।
यह संगोष्ठी जनहितैषी, प्रतिष्ठित नेता मदन गोपाल की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित की गई। मदन गोपाल जनहितैषी मुद्दों को उठाने वाले एक प्रख्यात नेता थे। इस अवसर पर ‘पंजाब के मुद्दे, संयुक्त संघर्ष की आवश्यकता और महत्व’ विषय पर चर्चा हुई। इससे पहले उपस्थित नेताओं ने मदन गोपाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। कीर्ति किसान यूनियन के राज्य महासचिव राजिंदर सिंह दीप सिंहवाला ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि पंजाब का सबसे बड़ा मुद्दा जल संकट है।
उन्होंने कहा कि आज जमीन से इतना पानी निकाला जा रहा है कि 2041 तक पंजाब का भूमिगत जल भंडार समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने पंजाब में जल संकट को दूर करने के लिए रचनात्मक कदम उठाने का आह्वान किया, जो लगातार राज्य को मरुस्थलीकरण की ओर धकेल रहा है। इसी तरह, उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं ने अपनी जमीन और संपत्ति बेचकर रोजगार के लिए विदेश चले गए हैं, लेकिन वहां भी उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब पर किया जा रहा “फासीवादी हमला” और भी तीव्र होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब की सांप्रदायिक सद्भाव को सांप्रदायिक रंग देकर और वोट बैंक की राजनीति में लिप्त होकर सत्ता को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
इस मौके पर सीपीआई एमएल न्यू डेमोक्रेसी के वरिष्ठ नेता कामरेड अजमेर सिंह, मंजीत सुरजा, कुलजीत सिंह वेरका, कीर्ति किसान यूनियन के राज्य नेता संतोख सिंह संधू, इस्त्री जागृति मंच की जसवीर कौर, निर्मलजीत कौर, कश्मीर सिंह उमरपुर, पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन की नेता रमनदीप कौर, नौजवान भारत सभा के मंगलजीत पंडोरी आदि मौजूद थे। चर्चा में दर्शन पाल बंडाला, मक्खन सिंह कंडोला, एम और विश्वामित्र बम्मी ने भी भाग लिया।


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