भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने मंगलवार को कहा कि सरकाघाट में एक किशोरी की निर्मम हत्या ने एक बार फिर राज्य सरकार के शासन और माफिया गतिविधियों पर अंकुश लगाने के खोखले दावों को उजागर कर दिया है। उन्होंने यहां मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आरोपी कथित तौर पर नशीले पदार्थों के प्रभाव में था।
बिंदल ने आरोप लगाया कि 2022 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से गंभीर अपराधों की घटनाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने चंबा में हुई एक हत्या का जिक्र किया, जिसमें एक युवक के शव के टुकड़े-टुकड़े करके नाले में फेंक दिए गए थे। उन्होंने मंडी में एक एसडीएम पर रेत माफिया द्वारा हमले, ऊना में गिरोहवार और गोलीबारी, और बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में कबाड़ माफिया के बीच झड़पों का भी उल्लेख किया। उन्होंने चंबा में हुई एक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें एक वन अधिकारी को कथित तौर पर बांधकर वाहन के पीछे घसीटा गया था।
भाजपा नेता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल मंत्रियों के बीच “खींचतान” चल रही है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी आपस में ही झगड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न माफियाओं के कथित उदय के साथ-साथ इस स्थिति ने जनता में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री सुक्खू का पद पर बने रहने का “नैतिक अधिकार” समाप्त हो गया है।
बिंदल ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं का श्रेय राज्य सरकार ले रही है। बल्क ड्रग पार्क का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे जय राम ठाकुर के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के तहत इस स्थल पर बुनियादी ढांचे के विकास में साढ़े तीन साल से अधिक की देरी हुई है।
ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, गगरेट के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर और भाजपा नेता राम कुमार भी मौजूद रहे।

