विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के “प्रणाली परिवर्तन” के बार-बार किए गए दावे जमीनी स्तर पर परिणामों में तब्दील नहीं हो पाए हैं।
कांगड़ा दौरे के दौरान मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक खामियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे सरकारी दावों और वास्तविकता के बीच का अंतर स्पष्ट हो रहा है। वे शाहपुर में पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए जिले में आए थे।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार के विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा के वादे पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण कार्डियोलॉजी ओपीडी सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं बंद पड़ी हैं, जिसके चलते मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को इलाज के बिना ही वापस लौटना पड़ रहा है।
चिकित्सा अवसंरचना पर होने वाले खर्च पर निशाना साधते हुए ठाकुर ने कहा कि कैथ लैब जैसी सुविधाओं में करोड़ों रुपये का निवेश किया जा रहा है, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण ये सेवाएं अप्रभावी हो गई हैं, जिससे सार्वजनिक धन और रोगी देखभाल दोनों खतरे में पड़ गए हैं।
उन्होंने थियोग में कथित तौर पर 1.13 करोड़ रुपये के जल आपूर्ति घोटाले का भी जिक्र किया, जहां सतर्कता अधिकारियों ने अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। उन्होंने दावा किया कि पानी के टैंकरों के बजाय स्कूटर और कारों के पंजीकरण नंबरों का उपयोग करके फर्जी बिल बनाए गए, जो बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांवों में दूषित पानी की आपूर्ति की गई, जिससे जन स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो गया।
ठाकुर ने कहा कि सरकार के कामकाज के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में मतदाता जोरदार प्रतिक्रिया देंगे।

