सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने वाले आपत्तिजनक और मॉर्फ्ड कंटेंट के कथित प्रसार के संबंध में औपचारिक शिकायत मिलने के बाद हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। भाजपा के एक सोशल मीडिया पदाधिकारी साईकिरण गौड़ की पोस्ट के अनुसार, यह शिकायत भाजपा तेलंगाना राज्य सोशल मीडिया संयोजक सुमिरन कवी के निर्देश पर दर्ज कराई गई थी। पार्टी सदस्यों अजय और अश्विन के साथ गौड़ ने साइबर क्राइम स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार, साइबर क्राइम पुलिस को 20 सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी दी गई। आरोप लगाया गया कि कथित तौर पर ऐसा कंटेंट शेयर किया जा रहा है, जो भारत की संप्रभुता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की कि मॉर्फ्ड वीडियो के मामले में जांच की जाए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, मेटा के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
शिकायत में कहा गया, “हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस पर पूरा भरोसा है और अनुरोध है कि देश के हितों की रक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून के अनुसार जरूरी कार्रवाई करें।”
इसके बाद पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। फिलहाल, अधिकारियों ने कथित तौर पर इस सामग्री को फैलाने में शामिल सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है।
इससे पहले, पीएम मोदी की फेसबुक पोस्ट पर अस्थाई रोक लगाने के लिए सरकार ने मेटा से विस्तृत जवाब मांगा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को सरकार के सामने पेश होने के लिए कहा। यह बैठक अगले सात से 10 दिनों के बीच हो सकती है।
इस मामले को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस.कृष्णन ने कहा कि सरकार मामले को पूरी तरह से समझने के लिए मेटा से नीतिगत स्तर और तकनीकी स्तर दोनों प्रकार का स्पष्टीकरण लेना चाहती है। उन्होंने कहा, “भारत अपनी चिंताएं सीधे मेटा तक पहुंचाना चाहता है और उन हालात के बारे में पूरी जानकारी चाहता है जिनकी वजह से यह अस्थायी रोक लगाई गई थी।”

