April 20, 2026
National

अजरबैजान के रास्ते ईरान से 300 से ज्यादा भारतीयों की सुरक्षित वापसी, आखिरी बैच से मिले राजदूत अभय कुमार

Over 300 Indians return safely from Iran via Azerbaijan; Ambassador Abhay Kumar meets last batch

20 अप्रैल । अजरबैजान के रास्ते ईरान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी जारी है। अब तक 300 से ज्यादा नागरिकों को निकाला जा चुका है, जिनमें 189 छात्र शामिल हैं। इसी बीच ईरान ने मशहद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है।

अजरबैजान के बाकू स्‍थ‍ित भारतीय दूतावास ने आध‍िकार‍िक सोशल मीड‍िया अकाउंट एक्‍स पर जानकारी साझा करते हुए बताया, ”अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार अजरबैजान के रास्ते ईरान से निकाले गए भारतीय छात्रों के आखिरी बैच से मिले। छह मार्च से अब तक अजरबैजान के रास्ते ईरान से 189 छात्रों सहित 300 से ज्‍यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से निकाला गया है।”

दो दिन पहले ही नई दिल्ली में हुई साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया था क‍ि ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 2,361 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित भारत लाया गया है। इनमें से 2,060 लोग आर्मेनिया के रास्ते और 301 लोग अजरबैजान के रास्ते आए। इन 2,361 लोगों में 1,041 भारतीय छात्र भी शामिल हैं, साथ ही तीन छात्र विदेशी (बांग्लादेश, श्रीलंका और गुयाना से एक-एक) हैं।

वहीं, रविवार को ईरान की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया है क‍ि सोमवार से उत्तर-पूर्वी प्रांत खोरासन रजावी में मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट्स फिर से शुरू की जाएंगी।

ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था, जिससे पूरे देश में नागरिक उड्डयन सेवाएं रुक गई थीं।

एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि जैसे ही सैन्य और नागरिक अधिकारियों की तकनीकी और ऑपरेशनल तैयारियां पूरी हो जाएंगी, वैसे-वैसे एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट सेवाएं सामान्य होती जाएंगी।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने रविवार को यह भी संकेत दिया कि अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में कुछ ‘प्रगति’ हुई है, लेकिन उसने यह भी कहा कि अंतिम समझौता अभी काफी दूर है। फिलहाल दो हफ्ते का सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है।

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने कहा कि तेहरान एक तरफ कूटनीतिक कोशिशें कर रहा है, लेकिन साथ ही किसी भी सैन्य टकराव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने विरोधियों पर भरोसा नहीं करता और किसी भी बढ़ते तनाव का जवाब देने के लिए तैयार है।

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