प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली के सेवा तीर्थ में मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक इस साल मंत्रिपरिषद की पहली बैठक है। यह ऐसे समय में हो रही है, जब मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर अटकलें तेज हैं।
मंत्रिपरिषद की बैठक शाम 5 बजे शुरू होगी। इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि सरकार के भीतर चल रही तेज राजनीतिक और आर्थिक चर्चाओं के बीच सभी केंद्रीय मंत्रियों से इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी में ही रहने को कहा गया है।
इस बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रमुख सदस्य शासन के प्रदर्शन और प्रमुख नीतिगत फैसलों के कार्यान्वयन की समीक्षा करेंगे। चर्चाओं में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, अब तक लिए गए फैसलों और हासिल किए गए परिणामों पर भी ध्यान केंद्रित होने की संभावना है।
अधिकारियों ने संकेत दिया कि सरकार की प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की भी विस्तार से समीक्षा की जाएगी, जिसमें उनके प्रभावी कार्यान्वयन और जनता पर अधिकतम प्रभाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
यह बैठक ऐसे समय होगी, जब वैश्विक संकट का असर भारत में भी देखा जा रहा है। सरकार मौजूदा स्थिति और तेल की कीमतों, ईंधन की आपूर्ति व बढ़ती लागत से जुड़ी चिंताओं पर बारीकी से नजर रख रही है।
यह उच्च-स्तरीय बैठक पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी के हालिया चुनावी प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में भी हो रही है।
इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री मोदी 5 देशों की कूटनीतिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद दिल्ली लौटे। इस यात्रा में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल थे।
प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा 15 मई को यूएई से शुरू की थी और 20 मई को इटली में अपने अंतिम पड़ाव के साथ इसे समाप्त किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना, तकनीकी गठबंधन बनाना और यूरोप में भारत की आर्थिक उपस्थिति को विस्तार देना था।

