June 4, 2026
National

उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन मामले में एसआईटी ने नासिक अदालत में दूसरी चार्जशीट दाखिल की

SIT files second chargesheet in Nashik court in harassment, forced religious conversion case

महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अदालत में दूसरा आरोपपत्र दायर किया है। नासिक की अदालत में दाखिल आरोप पत्र में शोषण और धार्मिक दबाव के आरोपों का विस्तृत विवरण दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को दायर किए गया आरोपपत्र मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज आठ एफआईआर से संबंधित है। आरोपपत्र में रजा रफीक मेमन, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, अश्विनी अशोक चैनानी, तौसीफ बिलाल अत्तार, शफी भीखन शेख, दानिश एजाज शेख, निदा एजाज खान और अन्य शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपपत्र नासिक स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रस्तुत किया गया।

इससे पहले, 22 मई को एसआईटी ने देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में बीएनएस और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज एक अलग मामले में 1,500 पृष्ठों की आरोपपत्र दायर किया था। उस आरोप पत्र में दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल को आरोपी बनाया गया था।

आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी की नासिक इकाई में काम करने वाली कई महिला कर्मचारियों द्वारा शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद एसआईटी का गठन किया गया था।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कर्मचारियों को निशाना बनाया और उन पर नमाज पढ़ने और मांसाहारी भोजन करने का दबाव डाला। कुछ पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कुछ धार्मिक रीति-रिवाजों को अपनाने के लिए मजबूर किया गया, जिनमें नमाज पढ़ना, खान-पान की आदतों में बदलाव करना और धार्मिक चिह्न धारण करना शामिल है।

इस बीच पुलिस ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पार्षद मतीन पटेल से भी पूछताछ की, जिन पर निदा खान को कथित तौर पर फरार होने के दौरान शरण देने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि पटेल से 25 मई को लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की गई और उन्हें 1 जून को फिर से तलब किया गया है।

एसआईटी ने इससे पहले 22 मई को निदा खान, दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल के खिलाफ देवलाली पुलिस स्टेशन मामले के संबंध में अपना पहला आरोप पत्र दाखिल किया था।

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