हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के अलावा सरकारी हेल्थ इंश्योरेंस तक पहुंच को और बढ़ाया है, जिससे राज्य के मिडिल क्लास का एक बड़ा हिस्सा सस्ती हेल्थकेयर के दायरे में आ गया है। अब तक, यह स्कीम ज़्यादातर कम इनकम वाले परिवारों के लिए थी। CHIRAYU फ्रेमवर्क उन परिवारों के लिए था जिनकी सालाना कमाई Rs 1.8 लाख से Rs 3 लाख के बीच थी, और उन्हें Rs 1,500 हर साल देकर Rs 5 लाख का हेल्थ कवर मिलता था।
अब, नायब सिंह सैनी सरकार ने चिरायु-आयुष्मान हरियाणा स्कीम का फ़ायदा उन मिडिल-इनकम परिवारों को भी देने का फ़ैसला किया है, जो सालाना 3 लाख रुपये से ज़्यादा कमाते थे। यह कदम 1 नवंबर से लागू होगा। इससे योग्य परिवारों को पूरे भारत में पैनल में शामिल सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। एलिजिबिलिटी परिवार पहचान पत्र (PPP) डेटाबेस के ज़रिए तय की जाएगी।
हेल्थ और फैमिली वेलफेयर की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि जिन परिवारों की सालाना इनकम 3 लाख रुपये से 6 लाख रुपये के बीच है, वे 4,000 रुपये सालाना कंट्रीब्यूशन देकर एनरोल कर सकते हैं, जबकि 6 लाख रुपये से ज़्यादा कमाने वालों को हर साल 5,000 रुपये कंट्रीब्यूट करना होगा।


Leave feedback about this