April 17, 2026
National

हम महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं, लेकिन परिसीमन स्वीकार नहीं: हिबी एडेन

We are in favour of the Women’s Reservation Bill, but do not accept delimitation: Hibi Eden

17 अप्रैल । महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कांग्रेस सांसद हिबी एडेन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हम महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं। कांग्रेस ने 2023 में सर्वसम्मति से इस विधेयक का समर्थन किया है और इस प्रक्रिया की शुरुआत राजीव गांधी के कार्यकाल में हुई थी।

उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने इस कानून को राज्यसभा में भी पारित करवाया था। लेकिन दुर्भाग्यवश, आज की राजनीति में इस विधेयक को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। परिसीमन की यह प्रक्रिया हमारी सहकारी संघीय संरचना के हितों को नुकसान पहुंचाएगी, जिसे हम किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि अभी केरलम और उत्तर प्रदेश का जो अंतर है, वह 60 सीटों का है। अगर यह विधेयक पास होता है और परिसीमन होता है तो उत्तर प्रदेश की 120 सीटें हो जाएंगी और केरल की 30 सीटें ही रहेगी। उत्तर प्रदेश और केरलम के बीच 90 सीटों का अंतर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है।

महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा सांसद भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि हम विधेयक के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हम महिला आरक्षण विधेयक के प्रति प्रतिबद्ध हैं। निश्चित रूप से, आज संसद में हमें सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।

महिला आरक्षण विधेयक पर यूपी सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि निश्चित रूप से, आज हमारे देश की संसद एक ऐतिहासिक फैसले की ओर बढ़ रही है। यह प्रधानमंत्री मोदी की ओर से देश की आधी आबादी के लिए पूरे अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक कदम है।

दानिश आजाद अंसारी ने आगे कहा कि देश की जनता उन सभी पार्टियों को देख रही है जो इस कदम का विरोध कर रही है और जनता ऐसे विरोध को निश्चित रूप से माफ नहीं करेगी। अगर प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक एक ‘विकसित भारत’ का संकल्प लिया है, तो इस मिशन में नारी शक्ति का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और अहम है।

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