September 7, 2026
National

दिल्ली में इमारत गिरी: मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हुई, बिल्डिंग मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Building collapse in Delhi: Death toll rises to 5, FIR registered against building owner

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बेसमेंट और पांच मंजिल इमारत के ढहने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए, जबकि कई घायलों का अभी इलाज जारी है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (एम्स) में 10 मरीज लाए गए। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से घायल हुए 10 मरीजों को जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (एम्स) लाया गया। इन 10 मरीजों में से 4 को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि गंभीर हालत वाले एक मरीज की बाद में चोटों के कारण मौत हो गई। तीन मरीजों को भर्ती किया गया है और उनका इलाज चल रहा है। एक मरीज के अंग की सर्जरी की गई। एक मरीज को मामूली चोट आई थी और निगरानी के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

वहीं, साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह बिल्डिंग एक पीजी थी। आरोप है कि ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था, जिसकी वजह से बिल्डिंग गिर गई। इन लोगों का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। इससे पहले एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अधिकारी ने बताया कि बचाव दल ने गैस कटर और जेसीबी का इस्तेमाल करके लोहे के बीम काटे और मलबा हटाकर मलबे में फंसे 11 लोगों को बाहर निकाला।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 1.30 बजे हुई। पीड़ितों में ज्यादातर छात्र थे जो इमारत में पीजी के तौर पर रह रहे थे। इस इमारत में 40 लोगों के रहने की जगह थी। अधिकारी ने यह भी बताया कि इमारत का मालिक गुरुग्राम में रहता है। दिल्ली फायर ब्रिगेड ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब 1.30 बजे घटना की सूचना मिली और तुरंत दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।

पुलिस ने बताया कि इमारत 40-50 साल पुरानी थी, जिसमें एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी के तौर पर किया जा रहा था, जिनमें से कई दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस (धौला कुआं इलाके में) में पढ़ाई कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि घटना के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इससे संकेत मिलता है कि भारी बारिश भी इस त्रासदी का एक कारण हो सकती है।

अधिकारी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और डीडीएमए की टीमें, दमकल की गाड़ियों और सीएटीएस एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। पीड़ितों को एम्स ले जाया गया, जहां दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनसे मुलाकात की और उनकी हालत के बारे में जानकारी ली।

इससे पहले, मुख्यमंत्री गुप्ता और उपराज्यपाल टीएस संधू ने घटना वाली जगह का दौरा किया और देर शाम तक चले बचाव कार्यों का जायजा लिया।

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