April 17, 2026
National

दिल्ली पुलिस ने प्रॉपर्टी फ्रॉड का बड़ा भंडाफोड़ किया: दृष्टिबाधित कर्मचारी से 14.5 लाख ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

Delhi Police Major Crash of Property Fraud: Accused Cheated Rs 14.5 Lakh From Visually Impaired Employee Arrested

17 अप्रैल । सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की डीबीजी रोड पुलिस स्टेशन की टीम ने प्रॉपर्टी से जुड़े फर्जी लीज डीड घोटाले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फर्जी लीज देकर दृष्टिबाधित पीड़ित से 14.5 लाख रुपए ठगने वाले आरोपी रविंद्र गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है।

जांच में पता चला कि आरोपी ने इसी तरीके से कई लोगों को ठगकर लगभग 2 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। आरोपी पहले से ही एक अन्य प्रॉपर्टी फ्रॉड मामले में अदालत द्वारा घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था।

29 दिसंबर 2025 को डीबीजी रोड थाने में एक शिकायत दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता भारतीय रेलवे का दृष्टिबाधित कर्मचारी है, जो करोल बाग के जोशी रोड स्थित एक मकान को लीज पर लेना चाहता था। आरोपी रविंद्र गर्ग ने खुद को मकान का मालिक बताकर पीड़ित से 14,50,000 रुपए लेकर नोटरीकृत लीज डीड तैयार करवाई।

जब पीड़ित कब्जा लेने गया तो पता चला कि प्रॉपर्टी पहले ही 2017 में लिए गए 98 लाख रुपए के होम लोन के भुगतान न होने पर फाइनेंस कंपनी के कब्जे में है। आरोपी इस बात को जानते हुए भी पीड़ित को धोखा देकर उसकी मेहनत की कमाई हड़प गया। इस मामले में एफआईआर संख्या 481/2025 के तहत आईपीसी की धाराएं 406, 417, 420 और 506 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने सब इंस्पेक्टर हरविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल सुनीत कुमार और महिला कांस्टेबल की एक विशेष टीम गठित की, जिसका नाम ‘तनीषा’ रखा गया। टीम ने एसएचओ डीबीजी रोड की निगरानी और एसीपी पहाड़गंज के मार्गदर्शन में काम किया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए हर छह महीने में मोबाइल नंबर और ठिकाना बदलता रहता था। टीम ने पुराने नंबर्स के सीडीआर का विश्लेषण किया और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी के नए सक्रिय मोबाइल नंबर का पता लगाया। गुप्त सूत्रों की मदद से आरोपी की मौजूदगी दिल्ली के नांगल देवत गांव में पाई गई, जहां वह टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। वहां छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी रविंद्र गर्ग (51) निवासी हापुड़ (उत्तर प्रदेश), शिक्षा मात्र 5वीं कक्षा तक। वह वर्तमान में टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने प्रॉपर्टी गिरवी होने की जानकारी छिपाकर कई लोगों को लीज और बिक्री का झांसा देकर ठगा। धोखाधड़ी से मिले पैसे उसने टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट का कारोबार शुरू करने में लगाए, लेकिन कारोबार फेल हो गया। उसका परिवार हापुड़ में रहता है, जबकि वह अकेला रहकर लगातार ठिकाना बदलता रहा।

पुलिस अब आरोपी की अन्य प्रॉपर्टियों और धोखाधड़ी से प्राप्त रकम की जानकारी जुटा रही है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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