भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी एल. खियांग्ते को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार की अनुशंसा पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के आदेश से गुरुवार को उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई।
राज्यपाल ने उम्मीद व्यक्त की है कि आयोग के नए अध्यक्ष के पदभार ग्रहण के बाद राज्य में विभिन्न पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज होगी। उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से सभी परीक्षाओं का संचालन निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप समयबद्ध और सुचारू रूप से हो सकेगा। राज्यपाल ने आयोग की कार्यप्रणाली में गति एवं पारदर्शिता की भी उम्मीद व्यक्त की।
झारखंड लोक सेवा आयोग के चेयरमैन का पद पिछले छह महीने से रिक्त था। इस वजह से राज्य में नियुक्ति की परीक्षाएं लंबित थीं। कई परीक्षाओं के परिणाम भी प्रकाशित नहीं हो पा रहे थे। इस पद पर पूर्व में कार्यरत नीलम मेरी केरकेट्टा 22 अगस्त 2024 को रिटायर हो गई थीं। इसके बाद से ही इस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई थी।
जेपीएससी चेयरमैन का पद रिक्त रहने पर झारखंड हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई थी। कोर्ट ने 11 दिसंबर, 2024 को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस पद पर जल्द से जल्द नियुक्ति करने का निर्देश दिया था।
आयोग के नवनियुक्त चेयरमैन एल. खियांग्ते 31 अक्टूबर 2024 को राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह 1988 बैच के आईएएस रहे हैं। राज्य सरकार मुख्य सचिव के रूप में उनकी सेवा को तीन महीने का विस्तार देना चाहती थी। इसके लिए भारत के निर्वाचन आयोग के पास राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन इस पर स्वीकृति नहीं मिली। अब उन्हें सरकार ने आयोग अध्यक्ष के रूप में नई भूमिका दी है।
एल. खियांग्ते मूल रूप से मिजोरम के रहने वाले हैं। क्रिश्चियन ट्राइबल कम्युनिटी से आने वाले खियांग्ते झारखंड के मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में महानिदेशक और वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव जैसे पदों पर भी सेवा दे चुके हैं।
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